बुद्ध और भारत V
पूर्व ब्लॉग बुद्ध और भारत IV के आगे.. . . . . . . . . . . अभी तक के इतिहास में शायद आपको पता लग गया है कि क्या पुराना है और क्या बाद का है और अगर आपके अंदर ये सवाल अभी भी है कि जब ब्राह्मण तीर्थस्थल और वेद पुराण जब इतने बाद के हैं तो इसको प्राचीन साबित करने वाले ऐसा क्यों कर रहे है और कौन लोग कर रहे हैं तो आप अब सिंधुघाटी सभ्यता या कहे की बौद्ध सभ्यता के करीब से सोंचना शुरू कर चुके हैं ! खैर आगे देखते हैं और क्या क्या मिलावट किया है वैदिक संस्कृति ने इतिहास में................ इतिहासकारों ने मौर्य वंश के पतन के लिए तो बौद्ध धर्म को जिम्मेबार बताया है मगर गुप्त वंश के पतन के लिए ब्राह्मण धर्म को जिम्मेबार नहीं बताया है ! उल्टे यह लिखा है कि बाद में गुप्त राजाओं का बौद्ध धर्म के प्रति झुकाव हो गया था इसलिए गुप्त वंश का पतन हो गया। भाई ! राष्ट्रीय एकता की जगह जाति - पाति फैलाइएगा , अश्वमेघ यज्ञ कराईएगा , सती के नाम पर स्त्रियों को जलाइएगा और इमारत के नाम पर सिर्फ मन्दिर बनाइएगा तो साम्राज्य का पतन तो होगा ही। इसके लिए ब्राह्मण-धर्म ही ...